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वृषभ

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वृषभ राशि दैनिक, मासिक, वार्षिक राशिफल
वृषभ राशि राशिचक्र की दूसरी राशि होती है| इस राशि का स्वामी शुक्र है। वॄष राशि का विस्तार राशि चक्र के 30 अंश से 60 अंश के बीच पाया जाता है| जब चन्द्रमा वॄष राशि में होता है तो जातक की वॄष राशि मानी जाती है|

जैसा कि इस राशि के नाम से ही पता चलता है इस राशि में वृष या बैल के गुण पाए जाते हैं अर्थात वृषभ राशि के लोग हर मामले में धैर्यवान होते हैं फिर चाहे काम करने का मामला हो या प्रेम संबंधो का| इस राशि के लोग जो संकल्प ले लेते हैं उस पर हमेशा अडिग रहते हैं और आसानी से पीछे नहीं हटते।

चूँकि वृषभ राशी का स्वामी शुक्र होता है और शुक्र सुन्दर माना जाता है इसलिए वृषभ राशि के लोग ज्यादातर साफ रंग के और दिखने में आकर्षक और सुंदर होते हैं. शारीरिक रूप से ये मजबूत कद काठी के और आकर्षक होते हैं| स्वभाव से ये शीतल होते हैं अर्थात शांत स्वाभाव के होते हैं|

वृषभ राशि के अक्षर
इन अक्षरों से शुरू होने वाले नाम वृषभ राशि के कहलाते हैं - ई, उ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो

वृषभ राशि के जातको की शारीरिक बनावट

वृषभ राशि के जातको का चेहरा भरा हुआ और ओंठ खुबसूरत होते हैं| आकर से चेहरा अण्डाकार होता हैं| मध्य का भाग प्रभावशाली होता हैं| इस राशि के लोगो का रंग साफ और बाल घने और चमकीले होते हैं| इस राशि के लोगो में कपड़ो के चुनाव की क्षमता बेहतरीन होती है और ये अपने पहनावे और दिखने पर बड़ा ध्यान देते हैं| वृषभ राशि के जातको की शारीरिक और स्मरण शक्ति उत्तम होती है

वृषभ राशि प्रेम के मामले में

वृष राशिचक्र की सबसे भरोसेमंद राशि है| प्रेम संबंधो में वृष राशि के लोग बहुत गंभीर होते हैं ये अगर एक बार प्रेम में पड़ जाये तो चाहने वाले के लिए कुछ भी कर सकते हैं परंतु इनको अनावश्यक ईर्ष्या प्रदर्शन से बचना चाहिए अन्यथा ये अपने प्रेमी का दिल दुखा सकते हैं। विवाहित जीवन में तलाक बहुत कम होते हैं।


वृषभ राशि के जातको की आदतें

वृषभ राशि के लोग थोडा आलसी होते हैं और इस राशि के जातको को सामान अव्यवस्थित ढंग से रखने की बुरी आदत होती है| खुले शेल्फ़ और सरल भंडार की क्षमता इनके लिए अच्छी होती हैं|

वृषभ राशि स्वास्थ्य

चूँकि वृषभ राशि के लोग शारीरिक रूप से मजबूत कद काठी वाले होते हैं इसलिए इन्हें स्वस्थ्य की ज्यादा परेशानियाँ नहीं होती परन्तु ज्यादा खाने पीने से कभी कभी मोटापे की समस्या से ग्रसित हो जाते हैं कई बार गले में कफ़ जमा होने की शिकायत भी होने लगती है| इसलिए वृषभ राशि के लोगो को हल्का भोजन करना चाहिए और बेहतर रहेगा अगर कसरत भी नियमपूर्वक रोज करे तो|

वृषभ प्रकृति और स्वभाव

वृष राशि वाले जातक धीर गंभीर होते हैं, जल्दी से दूसरो के साथ घुलना मिलना इन्हें पसंद नहीं होता, निरंतर नए माहौल में रहना इन्हें पसंद नहीं होता। इस प्रकार के लोग सामाजिक होते हैं और अपने से उच्च लोगों को आदर की नजर से देखते है। सुखी और विलासी जीवन जीना पसंद करते हैं।

वृषभ राशि का खान-पान

अगर खाने के शौक़ीन लोगो की बात करे तो वृषभ राशि के लोगो को जरुर शामिल करना चाहिए वृषभ राशि के लोग खाने के बहुत शौक़ीन होते हैं| इन्हे ऎसा भोज्य पदार्थ ग्रहण करना चाहिए जो थायराइड ग्रंथी के लिए फायदेमंद हो और हलके भोजन ही करना चाहिए ऐसे भोजन से दूर रहना चाहिए जिससे वजन बढ़ता हो इसलिए हरी सब्जियों का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए

वृषभ राशि के लिए व्यापार और नौकरी

इलेक्ट्राँनिक सामान, सौंदर्य प्रसाधन, बाग,-बगीचे, इत्र आभूषण आदि के व्यापार में वृषभ राशि के जातक बहुत सफल रहते हैं| इस राशि के जातक उत्तम अभिनेता, संगीतज्ञ, फिल्म निर्माता जैसे कामो में बहुत अच्छा करते हैं,

वृषभ आर्थिक गतिविधियां

व्रसभ राशि के जातक पैसा कमाने के लिए बहुत अधिक कोशिश करते हैं और उसमे सफल होते हैं| बुध की प्रबलता होने के कारण जमा योजनाओं मे उनको विश्वास होता है| धन से धन कमाने के मामले में बहुत ही भाग्यवान माने जाते हैं। इस मजबूत राशि से मेल खाते व्यवसायों में कृषि, बैंकिंग, चिकित्सा, शिक्षा और निर्माण शामिल हैं।

वृष करियर और पैसा

वृष राशि मतलब पैसे वाली राशि| वृष राशि के लोग पैसे से प्यार करता है और पैसा कमाने और जमा करने के लिए मेहनत करते हैं। चूँकि ये मेहनती और विश्वसनीय होते हैं ये जल्द ही पैसा इकठ्ठा कर पते हैं| उन्हें भौतिक सुखों, बेहतर भोजन और विलासिता से घिरा होना पसंद है|

क्युकी वृष राशि के लोग बहुत मेहनती होते हैं इसलिए वृषभ राशि के लोग आर्थिक रूप से कमजोर नहीं पड़ते| वृषभ राशि के लोग अपने जीवनसाथी के प्रति ईमानदार रहते हैं। अड़ियल स्वभाव के कारण जो ठान लेते हैं उसे पूरा कर के सांस लेते है|


  • लग्न स्वामी : शुक्र
  • लग्न तत्व: पृथ्वी 
  • लग्न चिन्ह : वृषभ(बैल)
  • लग्न स्वरुप: स्थिर
  • लग्न स्वभाव: सौम्य
  • लग्न उदय: दक्षिण
  • लग्न प्रकृति: वात प्रकृति 
  • जीवन रत्न: हीरा
  • अराध्य: भगवान् विष्णु, श्री लक्ष्मी 
  • अनुकूल रंग:हरा,हल्का नीला,श्वेत 
  • लग्न जाति: वैश्य
  • शुभ दिन: शुक्रवार,शनिवार  
  • शुभ अंक: 6
  • जातक विशेषता: दयालु
  • मित्र लग्न : मकर, कन्या  
  • शत्रु लग्न : तुला , धनु
  • लग्न लिंग: स्त्री
  • तत्व: पृथ्वी
  • गुणवत्ता: स्थिर
  • रंग: नीला, गुलाबी, हरा
  • दिन: शुक्रवार, सोमवार
  • स्वामी: शुक्र
  • सबसे बड़ी समग्र संगतता: कन्या, मकर
  • विवाह और भागीदारी के लिए उत्तम: वृश्चिक
  • भाग्य अंक: 2, 4, 6, 11, 20, 29, 37, 47, 56
  • तिथि सीमा: 20 अप्रैल - 20 मई
  • गुण: विश्वसनीय, धैर्यवान, व्यावहारिक, समर्पित, जिम्मेदार, स्थिर
  • अवगुण: जिद्दी, हक जताना, अटल
  • वृष की पसंद: बागवानी, पाक कला, संगीत, रोमांस, उच्च गुणवत्ता वाले कपड़े, हाथ के साथ काम करना
  • वृष की नापसंद: अचानक परिवर्तन, जटिलता, किसी भी तरह की असुरक्षा, सिंथेटिक कपड़े

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