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January 2018 Festivals in English & Hindi

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January 2018 Festivals in Hindi


Jan 2018Festivals in January 2018in Hindi
14-Jan-18 Pongal पोंगल
2-Jan-18 Purnima पौष पूर्णिमा
5-Jan-18 Sakat Chauth सकट चौथ
12-Jan-18 Shattila Ekadshi षटतिला एकादशी
16-Jan-18 Mauni Amavasya मौनी अमावस्या
22-Jan-18 Vasant Panchami वसंत पंचमी
24-Jan-18 Ratha Saptami रथ सप्तमी
25-Jan-18 Bhishma Ashtami भीष्म अष्टमी
27-Jan-18 Jaya Ekadashi जया एकादशी
31-Jan-18 Purnima माघ पूर्णिमा
31-Jan-18 Chandra Grahan चन्द्र ग्रहण

जनवरी ग्रेगोरी कैलंडर का पहला महीना है। इस महीने में ३१ दिन होते हैं। भारतीय परम्परा में त्योहारों का विशेष महत्व है और जनवरी महिना तो विशेषतः त्योहारों का है-

पोंगल

पोंगल दक्षिण भारतीय लोगो के त्योहारों में एक प्रमुख त्योहार है। मुख्यतः तमिलनाडु में मनाया जाता है। पोंगल हर साल १४ या १५ जनवरी को मनाया जाता है। यह त्योहार फसल की कटाई की खुश में मनाया जाता है। इसे तमिलनाडु के अलावा देश के अन्य भागों पर रहने वाले तमिलों द्वारा उत्साह से मनाया जाता है। क्योकि यह त्योहार खेती से जुड़ा है और खेती की निर्भरता सूर्य पर भी करती है इसलिए इस दिन सूर्य भगवान की पूजा की जाती है और सूर्य भगवान के प्रति आभार व्यक्त करते हैं। तमिल भाषा में पोंगल का अर्थ है 'अच्छी तरह से उबालना और सूर्य देवता को भोग लगाना'। यह त्योहार 4-5 दिन बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है।

सकट चौथ

यह व्रत माघ मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाया जाता है इसी कारण इसे सकत चौथ कहते हैं इस दिन गणेश भगवान का पूजन होता है। भालचंद्र गणेश की पूजा सकट चौथ को की जाती है। सकट चौथ के बारे में कई कथाएँ भी जय जिसे इस दिन व्रत रखने वाली महिलाओ को जरुर सुनना चाहिए। सकट चौथ माता का मंदिर बूंदी में स्थित है। सकट चौथ को तिल चौथ, माही चौथ और तिल कुट्टा के नाम से भी जाना जाता है सकट चौथ का व्रत करने से विपदाएं दूर होती है और श्रीगणेश भगवान की कृपा से जीवन में मंगल बने रहता है

षटतिला एकादशी

षटतिला एकादशी माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को कहते हैं। माघ माह की कृष्ण पक्ष की एकादशी को व्रत रखना चाहिए. इससे मनुष्य के सभी पाप समाप्त हो जाते हैं। पद्मपुराण में एकादशी का बहुत ही महात्मय बताया गया है। पद्मपुराण के ही एक अंश को लेकर हम षट्तिला एकादशी का श्रवण और ध्यान करते हैं। एकादशी के व्रत को समाप्त करने को पारण कहते हैं। एकादशी व्रत के अगले दिन सूर्योदय के बाद पारण किया जाता है। एकादशी व्रत का पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले करना अति आवश्यक है।

मौनी अमावस्या

हिन्दू धर्म में अमावस्या का बेहद महत्व है। माघ मास की अमावस्या को मौनी अमावस्या कहते हैं। मौनी अमावस्या के दिन मौन रहकर आचरण तथा स्नान-दान करने का विशेष महत्व है। मौनी अमावस्या का व्रत पूरे नियम से करने पर तो कुंडली के सभी ग्रह दोष दूर होते हैं.

वसंत पंचमी (बसन्त पंचमी)

वसंत पंचमी हिन्दुओं का एक प्रमुख त्योहार है इस दिन हिन्दू लोग माता सरस्वती की वन्दना करते हैं बसंत पञ्चमी का त्योहार पूर्वी भारत, पश्चिमोत्तर बांग्लादेश, नेपाल और कई हिन्दू राष्ट्रों में बड़े उल्लास से मनायी जाती है।

रथ सप्तमी

रथ सप्तमी का त्योहार माघ मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को हिन्दुओ द्वारा मनाया जाता है| रथ सप्तमी का त्योहार भगवान सूर्य को समर्पित होता है इसीलिए सूर्य भगवन की पूजा आराधना की जाती है और उनको प्रसन्न करने के लिए व्रत रखा जाता है

भीष्म अष्टमी

माघ माह की शुक्ल पक्ष की अष्टमी को प्रतिवर्ष भीमाष्टमी के रूप में मनाया जाता है। इस तिथि को व्रत करने का बड़ा महत्व है। धर्म शास्त्रों के अनुसार इस दिन बाल ब्रह्मचारी भीष्म पितामह ने सूर्य के उत्तरायण होने पर अपने प्राण त्यागे थे। उनकी स्मृति में भीमाष्टमी व्रत किया जाता है। मान्यता है कि भीष्म अष्टमी के दिन जो श्रद्धालु भक्त भीष्म पितामह की स्मृति के निमित्त कुश, तिल, जल के साथ श्राद्ध और तर्पण करते हैं मान्यता है कि इससे व्यक्ति को सभी पापों से मुक्ति मिलती है

जया एकादशी

माघ शुक्ल एकादशी को जया एकादशी कहा जाता है।  यह एकादशी सभी पापों को हरने वाली और उत्तम कही गई है। मान्यता है कि जया एकादशी का व्रत करने से से नीच योनि जैसे कि भूत, प्रेत, पिशाच की योनि से मुक्त हो जाता है और मोक्ष प्राप्त होता है।

पूर्णिमा

पौष माह में आने वाले पूर्णिमा को पौष पूर्णिमा और माघ महीने में आने वाले पूर्णिमा को माघ पूर्णिमा कहते हैं| हिन्दु धर्म में पूर्णिमा का विशेष महत्व है। पूर्णिमा के दिन चंद्रमा आकाश में पूरा होता है। यह दिन माँ लक्ष्मी को विशेष प्रिय है। इसलिए लोग लक्ष्मी माता की आराधना करते हैं। माघ मास की पूर्णिमा भी दान और गंगा स्नान के लिए श्रेष्ठ अवसर माना गया है।

चंद्रग्रहण

चंद्रग्रहण उस समय को कहता हैं जब सूर्य, पृथ्वी और चन्द्रमा सभी एक सीधी रेखा में स्थित होते हैं इस दशा में प्रथ्वी से देखने पर चन्द्रमा आंशिक रूप से या पूर्णतः अद्रश्य रहता है

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